ब्रिज · नियम गाइड
ब्रिज के नियम: कॉन्ट्रैक्ट ब्रिज कैसे खेलें
बोली, कॉन्ट्रैक्ट, डमी और तेरह ट्रिक — साथ में गेम कितने अंक का होता है, वल्नरेबल होने से क्या बदलता है, और रबर व डुप्लिकेट ब्रिज में क्या फ़र्क़ है।
संक्षेप में
- ब्रिज जोड़ियों का खेल है: बोली से कॉन्ट्रैक्ट तय होता है, फिर तेरह ट्रिक खेली जाती हैं।
- बोली छह से ऊपर की ट्रिकों की संख्या और तुरुप बताती है — 4♥ का मतलब पान तुरुप के साथ दस ट्रिक।
- डिक्लेयरर अपना हाथ भी खेलता है और मेज़ पर खुले रखे डमी का हाथ भी।
- जिस कॉन्ट्रैक्ट के ट्रिक अंक 100 या ज़्यादा हों वह गेम है: 3NT, 4♥, 4♠, 5♣, 5♦।
- डुप्लिकेट में हर मेज़ पर वही पत्ते खेले जाते हैं, इसलिए क़िस्मत लगभग ख़त्म हो जाती है।
इस पेज पर
▸ ब्रिज मुफ़्त खेलेंएक डील की बनावट
ब्रिज चार खिलाड़ियों का जोड़ियों वाला ट्रिक-टेकिंग खेल है, और हर डील के दो हिस्से होते हैं। पहले बोली, जिसमें दोनों जोड़ियाँ तुरुप चुनने के हक़ के लिए होड़ करती हैं और कुछ ट्रिक जीतने का वादा करती हैं। फिर खेल, जिसमें एक पक्ष उस कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने की कोशिश करता है और दूसरा उसे तोड़ने की।
- जोड़ियाँ: उत्तर–दक्षिण बनाम पूर्व–पश्चिम, साथी आमने-सामने।
- पत्ते: पूरी गड्डी, हर एक को तेरह। इक्का सबसे बड़ा, दुक्की सबसे छोटी।
- ट्रिक: हर डील में तेरह। चला गया रंग हो तो वही डालना ज़रूरी; न हो तो कुछ भी, तुरुप समेत।
- ट्रिक जीतना: सबसे बड़ा तुरुप, या तुरुप न पड़ा हो तो चले गए रंग का सबसे बड़ा पत्ता।
बोली
बाँटने वाले से शुरू करके घड़ी की दिशा में हर खिलाड़ी एक कॉल करता है: बोली, पास, डबल या रीडबल।
बोली का मतलब
बोली छह से ऊपर की ट्रिकों की संख्या और एक डिनॉमिनेशन (तुरुप का रंग या नो-ट्रंप) बताती है। यानी 1♠ हुकुम तुरुप के साथ सात ट्रिक का वादा है, और 7NT बिना तुरुप सारी तेरह ट्रिक का।
हर बोली पिछली से ऊँची होनी चाहिए: बड़ी संख्या, या उसी संख्या पर ऊँचा डिनॉमिनेशन। क्रम है ♣ ♦ ♥ ♠ NT।
| डिनॉमिनेशन | दर्जा | प्रति ट्रिक अंक |
|---|---|---|
| चिड़ी ♣ | सबसे नीचा | 20 प्रति ट्रिक |
| ईंट ♦ | 20 प्रति ट्रिक | |
| पान ♥ | 30 प्रति ट्रिक | |
| हुकुम ♠ | 30 प्रति ट्रिक | |
| नो-ट्रंप (NT) | सबसे ऊँचा | पहली पर 40, फिर 30 |
डबल
दाँव बढ़ाने के लिए आप विरोधी की बोली को डबल कर सकते हैं; वे रीडबल कर सकते हैं। कोई भी नई बोली डबल को मिटा देती है।
बोली का अंत
किसी कॉल के बाद लगातार तीन पास होने पर बोली ख़त्म। आख़िरी बोली कॉन्ट्रैक्ट बन जाती है। उस जोड़ी में जिसने कॉन्ट्रैक्ट का डिनॉमिनेशन सबसे पहले बोला था वह डिक्लेयरर बनता है, और उसका साथी डमी।
खेल
- डिक्लेयरर के बाएँ बैठा खिलाड़ी पहला पत्ता (ओपनिंग लीड) चलता है।
- डमी का हाथ खुला मेज़ पर रखा जाता है, और डिक्लेयरर दोनों हाथ खेलता है।
- खेल घड़ी की दिशा में चलता है। रंग हो तो वही; न हो तो कुछ भी।
- सबसे बड़ा तुरुप जीतता है, या कोई तुरुप न पड़ा हो तो चले गए रंग का सबसे बड़ा पत्ता।
- हर ट्रिक का विजेता अगली ट्रिक शुरू करता है।
कॉन्ट्रैक्ट पूरा करना
डिक्लेयरर को बोली की संख्या और छह ट्रिक चाहिए। 4♥ के कॉन्ट्रैक्ट में दस ट्रिक। ज़्यादा ट्रिक ओवरट्रिक कहलाती हैं; कम रह जाना डाउन होना है, और बचाव पक्ष को पेनल्टी अंक मिलते हैं।
स्कोरिंग, गेम और स्लैम
स्कोरिंग से नए खिलाड़ी सबसे ज़्यादा डरते हैं, पर यह कुछ सीमाओं पर टिकी है।
कॉन्ट्रैक्ट अंक
कॉन्ट्रैक्ट के ट्रिक अंक जोड़िए। अगर कुल 100 या ज़्यादा हो, तो आपने गेम बोला और पूरा किया — जिस पर बड़ा बोनस मिलता है। इसलिए आम गेम कॉन्ट्रैक्ट हैं:
| कॉन्ट्रैक्ट | ज़रूरी ट्रिक | यही लक्ष्य क्यों |
|---|---|---|
| 3NT | 9 | 40 + 30 + 30 = 100 |
| 4♥ / 4♠ | 10 | 4 × 30 = 120 |
| 5♣ / 5♦ | 11 | 5 × 20 = 100 |
| कोई भी 6 (स्मॉल स्लैम) | 12 | बड़ा बोनस |
| कोई भी 7 (ग्रैंड स्लैम) | 13 | और भी बड़ा बोनस |
वल्नरेबिलिटी
जिस पक्ष ने एक गेम बना लिया है वह वल्नरेबल होता है: उसके बोनस बड़े और पेनल्टी भारी होती हैं। यही मुख्य कारण है कि एक ही हाथ मैच के अलग-अलग मोड़ पर अलग तरह से बोला जाता है।
पेनल्टी
कॉन्ट्रैक्ट पूरा न होने पर विरोधियों को हर कम ट्रिक के 50 अंक (वल्नरेबल हों तो 100) मिलते हैं, और डबल हुआ हो तो कहीं ज़्यादा। सैक्रिफ़ाइस — जान-बूझकर ऐसा कॉन्ट्रैक्ट बोलना जो पूरा नहीं होगा, क्योंकि डाउन होना विरोधियों को उनका कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने देने से सस्ता पड़ता है — एक आम रणनीति है।
रबर, डुप्लिकेट और आज ब्रिज कैसे खेला जाता है
| प्रारूप | कैसे चलता है |
|---|---|
| रबर ब्रिज | घर का पारंपरिक खेल: जो पक्ष पहले दो गेम बनाए वह रबर जीतता है। पत्तों की क़िस्मत मायने रखती है। |
| डुप्लिकेट ब्रिज | हर मेज़ पर वही डील खेली जाती हैं; आपकी तुलना उन सबसे होती है जिनके पास आपके पत्ते थे। |
| मैचपॉइंट (जोड़ियाँ) | हर बोर्ड पर दूसरी जोड़ियों से बेहतर करने पर अंक — ओवरट्रिक बहुत मायने रखती हैं। |
| IMP (टीमें) | अंकों का अंतर इंटरनेशनल मैच पॉइंट में बदला जाता है — गेम और स्लैम बोलना सबसे अहम है। |
| शिकागो / चार डील | तय वल्नरेबिलिटी वाला रबर ब्रिज का छोटा रूप। |
डुप्लिकेट ही ब्रिज को गंभीर प्रतियोगी खेल बनाता है: क्योंकि हर जोड़ी वही पत्ते खेलती है, पत्तों की क़िस्मत लगभग पूरी तरह हट जाती है, और नतीजा बताता है कि आपने मिला हुआ हाथ उन सबकी तुलना में कितना अच्छा खेला जिनके पास वही हाथ था।
आम सवाल
ब्रिज में 4 पान की बोली का क्या मतलब है?
यह पान तुरुप के साथ दस ट्रिक (6 + 4) जीतने का वादा है। सारी बोलियाँ छह से ऊपर की ट्रिकों में कही जाती हैं।
डमी कौन होता है?
डिक्लेयरर का साथी। ओपनिंग लीड के बाद वह अपना हाथ खोलकर रखता है और डिक्लेयरर दोनों हाथ खेलता है; डमी कोई फ़ैसला नहीं करता।
ब्रिज में गेम क्या है?
ऐसा कॉन्ट्रैक्ट जिसके ट्रिक अंक 100 या ज़्यादा हों, जैसे 3NT, 4♥, 4♠, 5♣, 5♦। इसे पूरा करने पर बड़ा बोनस मिलता है।
वल्नरेबल होने का क्या मतलब है?
यह उस पक्ष की स्थिति है जो एक गेम बना चुका है। वल्नरेबल होने पर बोनस बड़े होते हैं, पर डाउन होने की पेनल्टी भी भारी।
रबर और डुप्लिकेट ब्रिज में क्या अंतर है?
रबर में आप मिले हुए पत्ते खेलते हैं और क़िस्मत मायने रखती है। डुप्लिकेट में हर मेज़ वही डील खेलती है और आपकी तुलना उन्हीं पत्तों वाले दूसरों से होती है, इसलिए हुनर हावी रहता है।
क्या ब्रिज सीखना कठिन है?
खेलना एक शाम में सीखा जा सकता है। कठिन हिस्सा बोली है: वह एक भाषा है, और भाषा सीखने में समय लगता है। इसीलिए जो एक बार शुरू करता है वह शायद ही छोड़ता है।
ब्रिज अभी मुफ़्त खेलें
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